शिक्षा रोजगार व स्वास्थ्य की बेहतर हो सुविधाएं

2019-02-24T06:00:29+05:30

-प्रेमचंद पार्क में युवाओं ने विभिन्न मुद्दों पर दिलखोल कर रखी बातें

-बेरोजगारी की समस्या से परेशान हैं देश के युवा

-चाहिए ऐसी सरकार जो झूठे वादे नहीं करे

GORAKHPUR: दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से शनिवार को प्रेमचंद पार्क में मिलेनियल्स स्पीक के तहत आयोजित राजनी-टी कार्यक्रम में गोरखपुराइट्स यूथ्स ने आने वाले आम चुनाव में अपने मुद्दे साझा किए। शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सुंदर शहर, सुरक्षित, सड़कें, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के मुद्दे पर युथ्स ने अपनी सरकार चुनने का दावा किया। रेडियो सिटी की आरजे प्रीति ने राजनी-टी प्रोग्राम में शामिल सभी युवाओं से उनके मुद्दों के बारे में जानना चाहा तो बेबाकी से उन्होंने बारी-बारी अपनी बात रखी। साथ ही व‌र्ल्ड लेवल पर देश की साख को बेहतर कर देश में निवेश लाने का विजन देने वाली पार्टी और आतंकवाद सहित देश की सुरक्षा के मुद्दे पर पब्लिक इंटरेस्ट में फैसले लेने वाली सरकार चुनने की बात कही। युथ्स ने समाज में बढ़ रही आर्थिक असमानता पर भी चिंता जाहिर की। देश से गरीबी को दूर करने पर ध्यान देने को कहा। गोरखपुराइट्स यूथ्स पालीटिक्स को लेकर अवेयर हैं, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देने को कहा।

ऐसे हो नेता, जो सुने हमारी बात

सभी पार्टियों के लीडर्स से यूथ्स को सबसे अधिक शिकायत यह है कि चुनाव के दौरान तो वह सभी से मिलते हैं और सबकी बात सुनते हैं। लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद पब्लिक की समस्याओं को साल्व करने के बजाए नेतागण पर्सनल इंट्ररेस्ट में बिजी हो जाते हैं। बैजनाथ मिश्रा ने कहा कि सरकार मनमाने तरीके से आंकड़ें बनाकर झूठा दिलासा देतीं हैं कि देश विकास कर रहा है। जबकि हमारी लाइफ स्टाइल में किसी तरह का बदलाव नहीं होता है। सोशल इशूज के डाटा पब्लिश करने के बजाए उन्हें छिपाया जाता है। जिससे हम देश की एक्चुअल पोजिशन नहीं जान पाते हैं। यूथ्स ने कहा नेता जीतने के बाद भी पब्लिक के बीच रहे और जो केवल चुनावी वादे ही नहीं करे बल्कि उन्हें पूरा भी करे हम ऐसी पार्टी को सपोर्ट करेंगे।

बढ़ रहा बेरोजगार, हमें चाहिए रोजगार

यूथ्स ने बेरोजगारी का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उनका कहना था कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है कॉलेज पास आउट करने के बाद भी हमें रोजगार नहीं मिल पा रहा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए यूथ्स ने कहा कि देश में बेरोजगारी की समस्या बढ़ती जा रही है। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमबीए, बीटेक, एमसीए, एमकाम जैसे कोर्स करने के बाद हर साल करोड़ों युवा रोजगार की तलाश में मार्केट में आते हैं। हर साल केवल मामूली लोगों को ही रोजगार मिल रहा है, जिसके कारण बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। यूथ्स ने सुझाव देते हुए कहा कि रोजगार देने के नाम पर अभी तक जितनी योजनाएं शुरू की गई हैं ज्यादातर असफल साबित हो चुकी हैं। जो राजनीतिक पार्टी रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाएगी हम उसे प्राथमिकता देंगे।

देश की सुरक्षा और निंरतर विकास

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के राजनी-टी प्रोग्राम में को होस्ट करते हुए आरजे प्रीति से यूथ्स से उन मुद्दों के बारे में जानना चाहा। युथ्स ने साफ कहा कि देश में बुनियादी समस्याओं को दूर करने के साथ ही सीमा पर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहने वाली पार्टी उनकी प्राथमिकता होगी। वह जाति, धर्म व क्षेत्र की राजनीति के बजाए जनसमस्याओं को दूर करने वाली पार्टी को चुनना पसंद करेंगे। कश्मीर के पुलवामा में हुए सैनिकों पर हमले पर उन्होंने रोष जताते हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने और उलंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने सीमा पर तैनात जवानों के लिए भी सभी तरह की सुविधाओं को उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सीमा पर तैनात जवानों को किसी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए।

सभी को मिले शिक्षा की सुविधा

राजनी-टी प्रोग्राम में शामिल यूथ्स ने प्राइमरी से लेकर ग्रेजुएशन तक सभी शिक्षा देने वाली योजनाओं पर विचार करने को कहा। शिक्षा के गिरते स्तर पर भी यूथ्स ने चिंता जाहिर की और उसे लगातार बेहतर करने की बात कही। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी ग्रेजुएशन करने वाले यूथ्स की संख्या में गिरावट हो रही है। प्राईवेट स्कूल की महंगी हो रही फीस पर भी सरकार को लगाम लगाना चाहिए। हर साल स्कूल व कॉलेज प्रशासन अपनी मर्जी से फीस बढ़ा देता है। ऐसी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को ठोस नीति बनानी चाहिए, जिससे आम पब्लिक को राहत मिल सके। सरकार को शिक्षा का बजट बढ़ाना चाहिए, जिससे नई यूनिवर्सिटी ओपेन की जा सके और हायर एजुकेशन में संभावनाएं बढ़ें।

मेरी बात-

देश के विकास के लिए जरूरी है कि समाज के सभी हिस्सों को सरकार समान रूप से अवसर उपलब्ध कराए। नौजवान देश के आबादी का 60 फीसदी है इनके हित को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। समाज के सभी वर्गो का अनुपात जितनी शिद्दत के साथ राजनीति में नेतृत्व करेगा, देश के विकास में सहायक होगा। नौजवान, किसान, मजदूर, आदिवासी, इंजीनियर, मजदूर, सैनिक, डॉक्टर, स्टूडेंट, टीचर्स, एडवोकेट सभी की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार को काम करना होगा। जाति, धर्म, क्षेत्र व भाषा के आधार पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

सनोज कुमार गौतम

कड़क मुद्दा-

ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद लाखों की संख्या में यूथ्स प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा होती है, कैंसिल हो जाती है लेकिन तैयारी में लगे युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता है। अभी तक की सरकारों ने रोजगार के नाम पर केवल वादे किए हैं, लेकिन नतीजे उनके दावों के विपरीत ही होते हैं। हायर एजुकेशन में रिसर्च की संभावनाएं भी कम हो गई हैं ऐसे में युवाओं के पास संभावनाएं कम हैं। देश में निवेश भी नहीं हो रहे हैं जिसके कारण जॉब के चांसेस कम होते जा रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में रोजगार के मुद्दे पर ठोस दावा करने वाली पार्टी को ही हम प्राथमिकता देंगे।

बैजनाथ मिश्रा

कोट-

जिन वादों के साथ सरकार सत्ता में आई थी उन्हें पूरा करने में असफल साबित हुई है। गाय, राम मंदिर, धार्मिक धु्रवीकरण करने में असफल होने पर अब सरकार के पास मुद्दे ही नहीं बचे हैं। राफेल मुद्दे पर घिर चुकी सरकार अब आतंकवाद का हौव्वा खड़ी कर रही है।

सोनू सिद्धार्थ,

inextlive from Gorakhpur News Desk


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