सेविंग्‍स के लिए म्यूचुअल फंड नहीं बल्कि आज भी FD है युवाओं की पहली पसंद

2019-01-02T08:42:49+05:30

वैसे तो आज का यूथ बहुत स्मार्ट है और फाइनेंशियल प्‍लानिंग को लेकर भी बहुत अवेयर है लेकिन इसके बावजूद जब बात सेविंग की आती है तो म्यूचअल फंड नहीं बल्कि ट्रेडिशनल फिक्स डिपाजिट स्कीम ही आज भी उनकी पहली पसंद बनी हुई है।

कानपुर। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने अपने एक्सक्लूसिव सर्वे में युवाओं से यह सवाल किया कि वो सेविंग्‍स के लिए कहां इनवेस्‍ट करते हैं? तो पता चला कि 45परसेंट युवा आज भी फिक्स डिपाजिट यानी एफडी को ही पहली पसंद मानते है।

सीए नहीं फैमिली की सलाह पर लेते हैं फाइनेंशियल डिसीजन
आज यूथ स्मार्ट है, अवेयर और इंटेलीजेंट हैं, लेकिन जब फाइनेंशियल डिसीजन लेने की बात आती है तो वह सीए से कहीं ज्यादा अपनी फैमिली से राय लेना पसंद करता है। सर्वे में भी जब हमने यह सवाल पूछा कि वो फाइनेंशियल डिसीजन कैसे लेते हैं तो 48 परसेंट युवाओं ने कहा कि वो अपनी फैमिली से राय लेकर ही ऐसे डिसीजन लेते हैं। वहीं 45 परसेंट लोग खुद से भी फाइनेंशियल डिसीजन लेते हैं। मात्र 7 परसेंट युवाओं ने इस बात को स्वीकार किया कि वो ऐसे मामले में एक्सपर्ट्स या सीए से मदद लेते हैं। वैसे लाइफ इंश्योरेंस और पेंशन पॉलिसी को लेकर भी युवा कुछ अवेयर दिखे, लेकिन सबसे खास बात यह रही कि म्यूचुअल फंड और पीपीएफ जैसी स्कीम को लेकर वो सजग कम दिखे।

महिलाओं को फैमिली पर ज्यादा भरोसा
फाइनेंशियल डिसीजन के मामले में महिलाएं अपनी फैमिली पर ज्यादा भरोसा करती हैं। आधे से अधिक यानी करीब 52 परसेंट महिलाओं ने माना कि वो अपने फाइनेंशियल डिसीजन फैमिली की सलाह पर लेती हैं, जबकि 43 परसेंट ने यह भी स्वीकार किया कि वो अपने फाइनेंशियल डिसीजन खुद ही लेती हैं।

अपनी जॉब से सेटिसफाइड हैं युवा
दौड़भाग भरी जिंदगी और आगे बढऩे की जद्दोजहद के बीच भी आज लोग अपनी जॉब और बिजनेस से सेटिसफाइड हैं। निश्चित ही यह डेटा चौकाने वाला है क्योंकि माना जाता है कि आज युवा करियर की आपाधापी में अपनी जॉब जल्दी जल्दी बदलना चाहते हैं, लेकिन सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा करीब 51 परसेंट युवा मानते हैं कि वो अपनी जॉब या बिजनेस से सेटिसफाई हैं। मात्र 24 परसेंट युवा ही अपनी जॉब से सेटिसफाइड नहीं है। 25 परसेंट युवा ऐसे हैं जो बहुत सेटिसफाइड तो नहीं लेकिन थोड़ा बहुत सेटिसफाइड हैं।

महिलाएं ज्यादा असंतुष्ट
वहीं अगर महिला और पुरुष की अलग-अलग बात करें तो पाएंगे कि महिलाओं की तुलना में पुरुष ज्यादा सेटिसफाइड हैं। जहां 47 परसेंट महिलाएं अपनी जॉब या बिजनेस से सेटिसफाइड दिखीं वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 53 परसेंट का है। ऐसे में यह सवाल जरूर सोचने पर विवश करता है कि क्या महिलाएं अपनी जॉब में तनाव या इनसिक्योर फील करती हैं।

खाने-पीने की शौकीन है नई जेनरेशन
जब सर्वे में सवाल पूछा गया कि वो सबसे ज्यादा खर्च किसमें करते हैं तो ज्यादातर युवाओं का जवाब था, खाने-पीने में। सर्वे में शामिल 36 परसेंट ने कहा कि वो खाने-पीने में सबसे ज्यादा खर्च करते हैं, जबकि 22 परसेंट युवाओं ने माना कि उनका खर्च हेल्थ और फिटनेस पर ज्यादा होता है। घूमने-फिरने में ज्यादा खर्च करने वालों का आंकड़ा भी यही 22 परसेंट था। सबसे कम खर्च करते हैं गैजेट्स और कपड़ों पर. यानी आज यूथ का फंडा है, खाओ-पीओ, घूमो-फिरो, फिट रहो और मौज करो।

महिला-पुरुष की अलग राय
अगर महिला और पुरुष की बात करें तो पाएंगे कि महिलाओं की तुलना में पुरुष जहां खाने-पीने के ज्यादा शौकीन हैं, वहीं पुरुषों की तुलना में महिलाएं अपने कपड़ों और गैजेट्स पर ज्यादा खर्च करती हैं। दूसरी ओर हेल्थ और फिटनेस के नाम पर ज्यादा खर्च करने वालों में 35 साल के उम्र के आसपास के ज्यादा थे। देहरादून के लोग खाने-पीने में सबसे ज्यादा खर्च करते हैं। यहां करीब 53 परसेंट युवाओं ने माना कि वो अपने खर्च में खाने-पीने को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।

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