- सपा-बसपा को हुआ नुकसान तो कांग्रेस का वोट बैंक गया हाशिए पर

- वोटों के गणित ने प्रत्याशियों को उलझाया, कम अंतर से हुई हार-जीत

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LUCKNOW : लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने हर दल के वोट पर डाका डाला है। बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा को जहां 42.63 फीसद वोट मिले थे तो वहीं इस बार उसे 49.56 फीसद वोट मिले हैं। भाजपा को सात फीसद के वोट का इजाफा बाकी दलों के वोटर्स का भरोसा जीतकर हासिल हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान समाजवादी पार्टी को उठाना पड़ा है जिसे पिछले चुनाव के मुकाबले चार फीसद वोट कम मिला है। बसपा अपने पिछले चुनाव का प्रदर्शन तकरीबन बरकरार रखने में कामयाब रही तो तमाम कोशिशों और नये प्रयोग कर यूपी में खुद को दोबारा स्थापित करने की कोशिश में जुटी कांग्रेस के वोट इस बार 1.25 फीसद कम हो गये। इससे साफ है कि भाजपा हर दल के वोट बैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही। जनता ने भी जातिवाद की राजनीति को नकारते हुए भाजपा को दिल खोलकर वोट दिए।

फिर भी सीटें हुई कम

भाजपा को इस बार सात फीसद ज्यादा वोट मिलने के बावजूद उसकी नौ सीटें कम हो गयी। पिछले चुनाव में 42.63 फीसद वोट के साथ भाजपा ने 71 सीटों पर फतह हासिल की थी जबकि इस बार 49.56 फीसद वोट मिलने के बावजूद उसे 62 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। इसमें अपना दल के करीब दो फीसद वोट जोड़ दिए जाए तो यूपी में एनडीए करीबन 51 फीसद वोट के साथ 64 सीटें जीती है। खास बात यह है कि पिछले चुनाव में बसपा को 19.77 फीसद वोट मिले थे पर ये किसी सीट पर जीत की शक्ल में तब्दील नहीं हो पाए। इस बार 19.26 फीसद वोट पाने के बावजूद बसपा को 10 सीटें मिली है। इससे भी यह साफ होता है कि सपा का वोट बैंक कई सीटों पर बसपा के प्रत्याशियों को ट्रांसफर हुआ जिससे उनके सिर पर जीत का ताज सजने की नौबत आ पाई। बसपा को पश्चिमी और पूर्वी उप्र की उन 10 सीटों पर फतह मिली जो मुस्लिम वोट बाहुल्य मानी जाती है।

सपा को हर तरफ नुकसान

सपा को इस चुनाव में चौतरफा नुकसान सहना पड़ा है। उसके चार फीसद वोट कम होने से पार्टी प्रत्याशियों को कई जगह जीत के दरवाजे तक जाकर वापस लौटना पड़ा। बीते चुनाव में सपा को जहां 22.35 फीसद वोट मिले थे और पांच सीटों पर फतह हासिल हुई थी, वहीं इस बार 17.96 फीसद वोट के साथ भी उसे पांच सीटें ही नसीब हो पाई है। सियासी गुणा-भाग के मुताबिक ये चार फीसद वोट बैंक सीधे भाजपा में जाता दिखता है। हैरत की बात यह है कि कांग्रेस का वोट बैंक घटना देश की इस सबसे पुरानी पार्टी को सकते में डालने वाला है। पिछले चुनाव में 7.53 फीसद वोट पाने वाली कांग्रेस का सफर इस बार 6.31 फीसद पर ही थम गया और दो सीट की जगह एक सीट ही उसके खाते में आ सकी। यूपी में अपनी पूरी ताकत झोंकने के बाद वोट बैंक और सीटें गंवाने वाली कांग्रेस को इस पर गहन मंथन करना होगा। वहीं रालोद को इस बार करीब एक फीसद वोट ज्यादा तो मिला पर वह कोई सीट नहीं जीत पाया।

पॉलिटिकल पार्टीज को मिले वोट (फीसद में)

पार्टी         2019       2014

भाजपा      49.56       42.63

बसपा       19.26       19.77

सपा         17.96       22.35

कांग्रेस       6.31        7.53

रालोद        1.67       0.868