भारतीय थीं मर्ले ओबरॉन
30 के दशक में भी एक एंग्लो इंडियन भारतीय अभिनेत्री ऑस्कर में सहायक अभिनेत्री की कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी। हालाकि रंग भेद से भयभीत मर्ले ओबरॉन की इस एक्ट्रेस ने अपने पूरे करियर में किसी को नहीं बताया कि वे भारतीय मूल की हैं।  मर्ल का जन्म 19 फरवरी, 1911 में मुंबई में हुआ था और 1928 में वे इंग्लैंड चली गईं। जहां उन्हें फिल्ममेकर अलेक्जेंडर कोर्डा की फ़िल्म 'द प्राइवेट लाइफ ऑफ हेनरी 8' में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। बाद में कोर्डा ने उनसे शादी भी कर ली।
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असली नाम कुछ और था
मर्ले का वास्तविक नाम एस्टले थॉम्पसन था जिसे निर्देशक अलेक्जेंडर ने फिल्म में शामिल करके समय बदल दिया था और देखते ही देखते  एस्टले, मर्ले के नाम से मशहूर हो गईं। वैसे हॉलीवुड फिल्म में काम करने से पहले वे कोलकाता में एमेच्योर ड्रामेटिक सोसाइटी में काम कर चुकी थीं। पश्चिम में उन दिनों रंगभेद का मुद्दा इतना ज्यादा प्रभावशाली था कि एक बार मर्ले ने बिना मेकअप के एक बार कैमरे के सामने आने से साफ़ मना कर दिया था क्योकि वे अंग्रेजों जितनी गोरी नहीं थीं और कोई खतरा नहीं उठाना चाहती थीं।
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इस फिल्म के लिए मिला था नामांकन
वैसे तो 'द प्राइवेट लाइफ ऑफ हेनरी 8' में प्रंशसा पाने के बाद मर्ले ने कई बेहतरीन हॉलीवुड फिल्मों में काम किया था। जैसे 1939 में वथरिंग हाइट्स और 1945 में ए सांग टू रिमेंबर, पर उनको ऑर्स्कस के लिए 1935 की उनकी फिल्म द डार्क एंगल के सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के तौर पर नामांकित किया गया था। हालाकि वे ये पुरस्का जीत नहीं पायी थीं, जैसे इस बार देव पटेल नहीं जीत पाये। हालाकि फिल्म गांधी के लिए ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाले अभिनेता बेन किंग्सले भी आधे भारतीय थे। मर्ले 1973 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'इंटरवल' में आखिरी बार नज़र आई थीं। 1979 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
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